भारत की परीक्षा प्रणाली में कुछ तो ऐसा है जिसे ‘काव्यात्मक’ कहा जा सकता है. उस तरह का काव्य जो आपको बाल्टी भर-भर कर आंसू बहाने और सोचने पर मजबूर कर देता है.

🔗 Read original sourceAaj Tak [RAW]