NEET यूजी 2026 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद, पेपर रद्द कर दिया गया है। एनटीए सबूत मिले थे कि पहले चार वर्षों में प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल थे, जो संभवतः अपनी परीक्षा में हुई आदर्श की विकृलता के कारण टूट गए। नीट यूजी 2026 के लिए संबंधित बुनियादी परीक्षण में विस्तार हुआ, जो प्रश्न और उत्तर की संरचना का अनुमान लगाता है। मामले में मनीष यादव और अविनाश लांबा को मुख्य सरगना बताया जा रहा है, जिनकी संदेहाओं को एसओजी टीम लीक के स्रोत की जांच करने के लिए परीक्षण के पहले से ही शुरू कर दिया गया था। अब तक, मनीष यादव और अविनाश लांबा को उम्मीदवारों से हुकूमत में एक बड़ी प्रतिष्ठा है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपना साक्षात्कार किया है। एसओजी टीम की जांच का परिणाम आगे बढ़कर दिखाई देगा, और इसका अंतिम परिणाम यह हो सकता है कि नीट यूजी 2026 के मार्जिन लगभग बदल जाएँगे। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation पाकिस्तान की खुली पोल, ऑपरेशन सिंदूर का सच आतंकियों ने बताया चंद्रनाथ हत्याकांड के कातिलों का विस्तृत जानकारी, पुलिस की कैसे कामयाबी