प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा की है। इस ऐलान के बाद CJP के अभिजीत दिपके ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। CJP का कहना है कि केवल दोषियों को सजा देना पर्याप्त नहीं है। संगठन लंबे समय से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। NEET विवाद को लेकर छात्र और प्रदर्शनकारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और प्रभावित छात्रों को मुआवजा देना शामिल है। CJP ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा उनकी मांगों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। संगठन ने इसे गैर-समझौता वाली मांग बताया है। पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद जारी है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। NEET विवाद ने परीक्षा व्यवस्था की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। Source: Source Post navigation संसद के हंगामे पर स्पीकर सख्त, बोले- ‘प्रश्नकाल में सिर्फ प्रश्नकाल ही चलेगा’ NEET विरोध के बीच तमिलनाडु के मंत्रियों ने देखी CM विजय की फिल्म ‘जननायकन’, विपक्ष ने उठाए सवाल