हाल ही में हुए NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक ने 2024 के पेपर लीक मामले में CBI की जांच पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं और एक मुश्किल सवाल को फिर से हवा दे दी है. पांच आरोपपत्र, लगभग 50 गिरफ्तारियों और कई राज्यों में फैली जांच के बावजूद, क्या जांचकर्ताओं ने भारत के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में से एक के पीछे के व्यापक तंत्र को सचमुच ध्वस्त कर दिया है या केवल निचले स्तर के लोगों को ही गिरफ्तार किया है? 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation मत खरीदें सोना- PM मोदी की अपील, लेकिन गोल्ड खरीदने की मची होड़! बेंगलुरु में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, किराए के घरों से चल रहा था देह व्यापार