प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की है। उनका मानना है कि इससे पेट्रोल-डीजल की खपत, ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा। कोविड के दौरान लोकप्रिय हुआ यह मॉडल कर्मचारियों की बचत और सुविधा बढ़ाता है, लेकिन इसके साथ अकेलापन, वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ना और साइबर फ्रॉड जैसे खतरे भी जुड़े हुए हैं। यह मॉडल कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करता है, तथा वर्क-फ्रॉम-होम जीनिफाइकेशन में भाग लेने की सुविधा देता है। परंतु, अकेलापन और क्रियात्मकता की कमी के साथ-साथ, इस मॉडल की विशेषताओं में भी कुछ खतरों हैं। जैसे, चार्जेड ब्रायन्स और साइबर फ्रॉड। विशेषज्ञों का मानना है कि अकेलापन की प्रतिक्रिया डिजिटल मौके में कर्मचारियों की समस्याओं को दबाने में अद्भुत तरीके से काम कर सकता है। लेकिन, इन सभी खतरों को समझने और प्रतिरोध करने के लिए आवश्यक उपाय भी हैं।

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