पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है। इस कदम के बाद इसे पाकिस्तान का पांचवां प्रांत बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी असंतोष के बीच सामने आया है। प्रस्ताव को क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। गिलगित-बाल्टिस्तान लंबे समय से अधिक राजनीतिक अधिकारों की मांग करता रहा है। स्थानीय नेताओं ने क्षेत्र के भविष्य और संवैधानिक स्थिति को लेकर अपनी बात रखी है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में बहस बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मुद्दे का असर क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। गिलगित-बाल्टिस्तान की संवैधानिक स्थिति लंबे समय से विवाद का विषय रही है। अब प्रस्ताव के बाद आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। Source: Source Post navigation ट्रंप के दावे से फिर उठा 2020 अमेरिकी चुनाव डेटा चोरी का मुद्दा, जानें क्या है सच्चाई 4300 साल पुरानी चीन की शिमाओ सभ्यता का DNA अध्ययन से खुला रहस्य