भारत में खुफिया एजेंसियों जैसे RAW और IB में करियर बनाने का सपना देखने वालों को बॉलीवुडी फिल्मों की कहानियां भटका सकती हैं। वास्तविकता यह है कि इन एजेंसियों में भर्ती ज्यादातर सिविल सेवाओं, सशस्त्र बलों और विशेष परीक्षाओं के जरिए होती है। RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) विदेशी सुरक्षा पर केंद्रित है, जबकि IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) देश की आंतरिक सुरक्षा देखता है। साइबर जासूसी के बढ़ते महत्व के कारण टेक्निकल रोल में भर्तियां भी बढ़ रही हैं। उम्मीदवार IB की ACIO (सहायक केंद्रीय खुफिया अधिकारी) जैसे पदों के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं। लेकिन अधिकांश अधिकारी पहले UPSC या किसी अन्य सेवा में शामिल होते हैं, फिर अनुभव और परीक्षा के बाद इन एजेंसियों में चुने जाते हैं। इस करियर में गोपनीयता और अनुशासन की कठो्र परीक्षा होती है। इन एजेंसियों में काम करने के लिए राष्ट्रप्रेम और मानसिक मजबूती सबसे बड़ी जरूरत है। डिजिटल जासूसी के क्षेत्र में तेजी से रोजगार के अवसर बन रहे हैं। यह करियर फिल्मों जितना ग्लैमरस नहीं है, लेकिन देशसेवा का सर्वोच्च मौका जरूर है। अभ्यर्थियों को नियमित पदों की तरह ही लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और गहन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इसमें किसी भी लापरवाही के लिए कोई गुंजाइश नहीं होती। Source: Source Post navigation UPSC प्रीलिम्स 2026 की आंसर की जारी, उम्मीदवार ऐसे करें डाउनलोड बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का परिणाम जारी, 19,838 अभ्यर्थियों का चयन