नेशनल यांग मिंग चियाओ तुंग यूनिवर्सिटी और TSMC के शोधकर्ताओं ने बेहद पतले ट्रांजिस्टर के लिए नई इंटरफेस डिजाइन विकसित की है। इस डिजाइन में मोनोलेयर MoS2 और हैफ्नियम ऑक्साइड डाइइलेक्ट्रिक के बीच एल्युमिनियम ऑक्साइड की परत बनाई गई। इस इंटरफेस की मोटाई केवल 0.42 नैनोमीटर है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इतनी पतली इंसुलेटिंग परत के बावजूद ट्रांजिस्टर में मजबूत विद्युत नियंत्रण बना रहा। डिवाइस में चार्ज कैरियर के परिवहन की क्षमता भी बेहतर तरीके से बरकरार रही। यह तकनीक परमाणु स्तर पर पतले सेमीकंडक्टर डिवाइस के विकास में महत्वपूर्ण हो सकती है। MoS2 को अगली पीढ़ी के बेहद छोटे ट्रांजिस्टर के लिए संभावनाशील सामग्री माना जाता है। हालांकि, ऐसी पतली सामग्री में इलेक्ट्रिकल कंट्रोल और इन्सुलेशन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। नई इंटरफेस परत इस चुनौती से निपटने में मदद कर सकती है। शोध में बेहद पतली संरचना के साथ ट्रांजिस्टर के प्रदर्शन को संतुलित करने पर ध्यान दिया गया। यह विकास भविष्य के उन्नत और अधिक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

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