अंटार्कटिका से विशाल हिमखंड A-84 के अलग होने के बाद वैज्ञानिकों ने इसके प्रभावों पर अध्ययन शुरू किया है। इस हिमखंड के टूटने से समुद्र के नीचे छिपा एक पुराना पारिस्थितिकी तंत्र सामने आया, जिसकी जांच अत्याधुनिक अंडरवॉटर रोबोट की मदद से की गई। वैज्ञानिकों को समुद्र तल पर लंबे समय से विकसित रंगीन और विविध समुद्री जीवन देखने को मिला। हालांकि, यह घटना अंटार्कटिका में तेजी से हो रहे बर्फ पिघलने की ओर भी संकेत करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ध्रुवीय बर्फ में बदलाव भविष्य में समुद्र के स्तर में वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे तटीय शहरों पर खतरा बढ़ सकता है। अंटार्कटिक बर्फ के व्यवहार को समझना जलवायु परिवर्तन और भविष्य के समुद्री बदलावों के अनुमान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation मंडी: स्टोन क्रशर के मलबे से ग्रामीणों का जीना मुहाल, फसलें बर्बाद और स्कूल जाने का रास्ता जोखिम भरा