हरियाणा के अंबाला में राम बाजार के कारोबारी महेश गुप्ता की हत्या के मामले में आरोपी प्रिया और उसके भाई हेमंत को अदालत से राहत नहीं मिली है। दोनों ने करीब ढाई साल बाद पहली बार नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर अपराध है और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपियों की वारदात में भूमिका बताई है। मामले में मुख्य शिकायतकर्ता रवि गुप्ता की प्रतिपरीक्षा अभी पूरी नहीं हुई है। अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज होना भी बाकी है। अदालत ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों के फरार होने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने 11 अप्रैल 2024 को रवि गुप्ता की शिकायत पर अंबाला कैंट के पड़ाव थाने में हत्या का मामला दर्ज किया था। शिकायत के मुताबिक, 10 अप्रैल की रात महेश गुप्ता ने अपने भाई को बताया था कि प्रिया ने पूजा का सामान मंगवाने के बहाने उसे अपने घर बुलाया है। महेश प्रिया को अपनी मुंहबोली छोटी बहन मानता था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा और फोन भी नहीं उठाया, तो रवि गुप्ता अपने साथियों के साथ प्रिया के घर पहुंचे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि घर का दरवाजा खोलने पर उन्होंने हेमंत को महेश के गले में रस्सी डालकर खींचते और प्रिया को उसके सिर पर भारी वस्तु से वार करते देखा। आरोप है कि हेमंत की पत्नी प्रीति महेश के हाथ पकड़े हुए थी। बाद में महेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर महेश की हत्या की गई। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 और 61(2) के तहत हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज है। अदालत के फैसले के बाद प्रिया और हेमंत को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में नकल मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट, रायपुर-बिलासपुर और बैकुंठपुर में होगी सुनवाई जीवन कुंडू हत्याकांड: थाने की CCTV रिकॉर्डिंग में 9 मिनट का कट, हिसार कोर्ट ने कमिश्नर-DM को दिए जांच के आदेश