पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि श्री अकाल तख्त साहिब ने आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को तलब किया है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पार्टी के सभी नेता अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रतिनिधि अपनी बात और मत वहां रखने के लिए तैयार हैं। यह बुलावा पार्टी के कुछ फैसलों और धार्मिक मर्यादा से जुड़े मुद्दों को लेकर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह रुख संवैधानिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रति सम्मान का संकेत देने के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे मामले पर गंभीर चर्चा के बाद यह फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। अमृतसर स्थित अकाल तख्त साहिब पर होने वाली इस पेशी पर सबकी नजरें टिकी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान संयम बरतने की सलाह दी गई है। यह कदम राज्य में सरकार और धार्मिक नेतृत्व के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटना है। मुख्यमंत्री मान के बयान से स्पष्ट है कि पार्टी किसी भी तरह के टकराव से बचना चाहती है। आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की रणनीति तय की जाएगी। Source: Source Post navigation हिसार रोडवेज कर्मियों का आर-पार का मूड: 8 जुलाई तक मांगें पूरी न हुईं तो 9 जुलाई से होगा बड़ा आंदोलन NEET पेपर लीक विवाद: सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर आमरण अनशन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग