छत्तीसगढ़ के अभनपुर थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले की जांच के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) के डिप्टी डायरेक्टर पर अधिकारियों को धक्का‑मुक्की करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। जांच दल ने बताया कि उनका रास्ता रोकना, दस्तावेजों को छिपाना और कई बार दबाव डालना जैसी घटनाएँ सामने आईं। यह मामला प्रदेश में चल रहे भ्रष्टाचार पर बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें कई सरकारी अधिकारियों और स्थानीय राजनेताओं को भी शामिल माना जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने इस रिपोर्ट को दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने की सूचना दी है। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि भारतमाला जैसे बड़े बुनियादी ढाँचा प्रोजेक्ट में वित्तीय लाभ के लिए असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे आगामी चुनावी माहौल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का स्वर और तीव्र हो सकता है।