रायपुर में उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते अंबिकापुर के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को लेकर ईडी द्वारा की जा रही जांच से संबंधित 28 करोड़ रुपये के घोटाला संबंधी फाइलें तलब करने का आदेश दिया। यह घोटाला अनेक बड़े रकम के लेन‑देन में अनियमितताओं के कारण उजागर हुआ, जिसमें बैंक के कुछ अधिकारियों पर धन का गबन करने का आरोप है। एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान कई दस्तावेज़ और खाते की बही‑खाता बरामद किए गए हैं, जो संभावित क़रार‑तोड़ और धोखाधड़ी का संकेत देते हैं। इस घटना से राज्य में सहकारी बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, और स्थानीय नागरिकों में भय भी बढ़ रहा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यदि दोषी पाए गए तो सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की सुनवाई अगली दो हफ्तों में जारी रहने की संभावना है, जिससे उत्तरी छत्तीसगढ़ के वित्तीय माहौल पर गहरा असर पड़ सकता है।