अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के चलते करीब 26,000 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। हवाई मार्गों में बदलाव के कारण कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा है। लंबी दूरी के नए रूट से ईंधन की खपत बढ़ रही है। इससे एयरलाइंस का संचालन खर्च काफी बढ़ गया है। उड़ानों में देरी और रद्द होने से यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। विमानन कंपनियों को राजस्व में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष जारी रहने से परिचालन चुनौतियां और बढ़ने की आशंका है। एयरलाइंस सेवाएं जारी रखने के लिए वैकल्पिक उपाय अपना रही हैं। कंपनियां यात्रियों की सुविधा और उड़ान संचालन को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। Source: Source Post navigation इंफोसिस ने अशीष कुमार दास को बनाया अगला CEO नामित, 30 साल से अधिक समय से कंपनी से जुड़े हैं Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra लॉन्च, 200MP कैमरा और AI फीचर्स के साथ आया प्रीमियम फोल्डेबल फोन