अमेरिका का ऊर्जा क्षेत्र गंभीर श्रम संकट का सामना कर रहा है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार 2030 तक इस क्षेत्र को बड़ी संख्या में नए कर्मचारियों की जरूरत होगी। अनुमान है कि ऊर्जा उद्योग में करीब 65 हजार से अधिक कुशल कर्मचारियों की कमी है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग इस कौशल अंतर को और गंभीर बना सकती है। डेटा सेंटर और अन्य AI परियोजनाओं के विस्तार से ऊर्जा की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों के सामने पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन सकती है। गोल्डमैन सैक्स ने इस समस्या के संभावित समाधान के रूप में ह्यूमनॉइड रोबोट और स्वायत्त उपकरणों का सुझाव दिया है। इन तकनीकों का इस्तेमाल श्रम की कमी को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने में किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के AI निवेश से कंपनी को कई तरह की आय हासिल हो रही है। कंपनी की क्लाउड आय में तेजी देखने को मिल रही है। कॉरपोरेट ग्राहकों के बीच माइक्रोसॉफ्ट की AI सेवाओं और उत्पादों का विस्तार भी जारी है। AI निवेश से मिलने वाली विविध आय कंपनी के कारोबार को नई गति दे रही है। ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में AI का बढ़ता प्रभाव आने वाले वर्षों में रोजगार और कारोबार दोनों को प्रभावित कर सकता है। Source: Source Post navigation IIT दिल्ली की ग्रेजुएट शैवी मलिक ने ट्रकों के लिए बनाया बैटरी से चलने वाला फ्रिज, खाद्य बर्बादी रोकने की पहल 2027 तक बजट EV सेगमेंट में Maruti, Hyundai और Kia की 3 नई इलेक्ट्रिक कारें मचाएंगी हलचल