इंदौर के अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कथित रूप से गलत शपथ पत्र दाखिल किए जाने पर नाराजगी जताई। प्रशासन की ओर से इसे टाइपिंग की गलती बताया गया। एसडीएम ने अदालत को सफाई देते हुए कहा कि शपथ पत्र में हुई त्रुटि अनजाने में हुई थी। कोर्ट ने कहा कि न्यायालय पर लोगों का विश्वास बना रहना जरूरी है। इस मामले में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गैस पाइपलाइन विस्फोट की घटना के बाद से ही जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हाईकोर्ट ने दस्तावेजों और प्रक्रिया में सावधानी बरतने पर जोर दिया। प्रशासन को मामले में सही तथ्यों के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं। घटना से जुड़े पक्षों की दलीलों पर अदालत आगे सुनवाई करेगी।

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