असम विधानसभा चुनाव में झारखंडी मरुती मोशनल (JMM) ने पहली बार प्रतिस्पर्धा की, जबकि उसके पास सीमित संसाधन थे। पार्टी ने कई सीटों पर दूसरे और तीसरे स्थान पर सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की, तथा सात उम्मीदवारों को 15,000 से अधिक मत प्राप्त हुए। इस प्रदर्शन को लेकर दो मुख्य राष्ट्रीय दल—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस—के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। भाजपा के एक वरिष्ठ अध्यक्ष ने JMM के इस कदम को ‘ऑपरेशन लोटस’ की संभावित रणनीति का हिस्सा बताया, और इसे असम चुनाव में कांग्रेस की पकड़ को कमजोर करने की कोशिश के रूप में उजागर किया। कांग्रेस ने इस आरोप को झूठा कहकर JMM को असम के राजनीतिक परिदृश्य में नए विकल्प के रूप में सराहा। यह विवाद असम के बहुलध्रुवीय मतदान माहौल में अतिरिक्त तनाव जोड़ रहा है और आगामी विधानसभा कार्यकाल में गठबंधन निर्माण एवं नीति निर्धारण पर असर डाल सकता है। Post navigation मॉरिटानिया में निजी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की योजना पर तीखा विरोध ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर संवैधानिक व कानूनी चर्चा: राज्यपाल के अधिकार क्या हैं?