मॉरिटानिया सरकार ने अधिकांश निजी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करके छात्रों को मुफ्त सार्वजनिक स्कूलों में प्रवेश कराना चाहा है। इस प्रस्ताव पर कई अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक समूहों ने तीखा विरोध किया है। वे विवादित नीति को शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट, बुनियादी ढांचे की अपर्याप्त तैयारी और बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखते हैं। सरकारी अधिकारी इस कदम को सहायता‑संकट का समाधान और सार्वभौमिक शिक्षा लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग मानते हैं, परन्तु आलोचक इसे वित्तीय दबावों और निजी शिक्षा के विघटन के कारण मानते हैं। प्रस्तावित बंदी से पहले सार्वजनिक स्कूलों में पर्याप्त कक्षाएँ नहीं हैं, जिससे भीड़भाड़ और गुणवत्ता में गिरावट की आशंकाएँ बढ़ रही हैं। विभिन्न संगठनों ने सरकार से विस्तृत परामर्श, चरणबद्ध कार्यान्वयन और मौजूदा निजी संस्थानों के कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है। इस मामले में आगे की सरकारी कार्रवाई और सार्वजनिक प्रतिक्रिया शिक्षा नीति के भविष्य को दिशा देगी।