जशपुरनगर में रविवार को डिलिस्टिंग के विरोध में हजारों आदिवासी सड़क पर उतर आए। राजी पड़हा और ईसाई आदिवासी महासभा ने विशाल रैली निकाली। आदिवासियों ने डिलिस्टिंग विरोधी नारे लगाए और रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरी। कुनकुरी के पूर्व विधायक यूडी मिंज ने कहा कि डिलिस्टिंग आदिवासियों को बांटने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासियों को कानूनन किसी भी धर्म का पालन करने की छूट है। राजी पड़हा समिति और ईसाई आदिवासी महासभा ने डिलिस्टिंग का विरोध किया और सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की। आदिवासियों को अपनी इच्छा से किसी भी धर्म का पालन करने का अधिकार है। डिलिस्टिंग पांचवीं अनुसूची को समाप्त करने की साजिश है। छत्तीसगढ़ में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग उठाई गई। रैली में शामिल होने वाले आदिवासियों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। : Source Post navigation सूरजमुखी खरीद 25 मई से शुरू एक्सप्रेस-वे विवाद: कांग्रेस का प्रदर्शन