आगामी परिसीमन प्रक्रिया के बाद राजस्थान की राजनीतिक स्थिति में बड़े बदलाव के आसार हैं। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि परिसीमन को सही ढंग से लागू किया जाता है, तो राजस्थान को लोकसभा में 13 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं। इससे राज्य में लोकसभा सीटों की कुल संख्या वर्तमान 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह न केवल राज्य के प्रतिनिधित्व को 50% से अधिक बढ़ाएगा, बल्कि राज्य के राजनीतिक भूगोल को पूरी तरह से बदल देगा। इससे नई नेतृत्व क्षमता का उदय होगा और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। परिसीमन से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की संभावना है, जहां राजनीतिक दलों के लिए प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो जाएगी। यह प्रक्रिया राज्य के जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है। हालांकि, यह अभी एक चर्चा पत्र है, लेकिन इसने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह कदम राज्य के लिए एक मजबूत संसदीय आवाज सुनिश्चित कर सकता है। आने वाले समय में, यह परिसीमन राज्य के चुनाव लड़ने के तरीकों और टिकट वितरण की राजनीति को भी नई दिशा देगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव राज्य की आगामी चुनावों की तैयारियों पर गहरा असर डालेगा। Source: Source Post navigation राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा: आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने अखिलेश यादव को दी नसीहत, कहा- राजनीति न करें राजकोट नगर निगम में 27 लाख रुपये के ‘फूड बिल’ पर मचा बवाल, नई पॉलिटिकल बोर्ड ने भुगतान रोका