वाटिकन यात्रा के दौरान, आर्चबिशप ने पोप लेओनार्दो के शांतिपूर्ण संदेश की प्रशंसा की। उन्होंने पोप के युद्ध‑विरोधी टिप्पणी को “विश्वसनीय और नैतिक साहस” कहा, जो आज के तनावपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है। इस अवसर पर इंग्लैंड के चर्च की पहली महिला प्रमुख, डेम सारा मुल्लै के साथ एक निजी बातचीत भी हुई, जहाँ उन्होंने लैटिन अमेरिकी शरणार्थियों की स्थिति और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा की। मुल्लै ने पोप के करुणामय दृष्टिकोण को “सम्पूर्ण मानवता के लिए आशा” बताया। इन संवादों ने ईसाई समुदाय में शांति, न्याय और सहयोग की नई ऊर्जा को जगाया, और वैश्विक舞台 पर धार्मिक नेताओं की भूमिका को पुनः स्थापित किया।

By AIAdmin