उत्तर कोरिया ने एक बार फिर नए हथियार विकसित करने का दावा किया है। किम जोंग उन ने परमाणु क्षमता वाली AI क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। इन मिसाइलों को दक्षिण कोरिया की सीमा के पास तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इस ताजा परीक्षण से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञ इस बात पर हैरान हैं कि उत्तर कोरिया को अत्याधुनिक हथियारों के विकास के लिए इतना धन कहाँ से मिल रहा है। देश पर पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं, फिर भी वह अपने मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया साइबर अपराध और क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए धन जुटा सकता है। इसके अलावा, चीन और रूस जैसे देशों से अप्रत्यक्ष रूप से तकनीकी और वित्तीय सहायता भी मिल सकती है। किम जोंग उन की सरकार अपनी रक्षा क्षमताओं पर अत्यधिक ध्यान दे रही है, भले ही आम नागरिकों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा हो। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने इस नए परीक्षण की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। यह कदम उत्तर कोरिया द्वारा वैश्विक नियंत्रण प्रणाली की अवहेलना को दर्शाता है। फिलहाल, दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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