पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश की शिक्षा व्यवस्था और इतिहास लेखन पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बच्चों को वास्तविक इतिहास नहीं पढ़ाया जा रहा है। आसिफ के मुताबिक, कई पाकिस्तानियों को यह विश्वास दिलाया गया कि उनके पूर्वज अरब या ईरान से आए थे। उन्होंने कहा कि वास्तव में उपमहाद्वीप के अधिकांश लोगों की जड़ें यहीं की हैं। ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि उनके पूर्वज हिंदू थे। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान में इतिहास और पहचान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनके बयान की व्यापक चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई ने इसका विरोध भी किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान पाकिस्तान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आसिफ ने इतिहास को तथ्यात्मक तरीके से पढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सच्चाई से परिचित कराना जरूरी है। बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। Source: Source Post navigation Apple, Google, Amazon और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों को लेकर यूरोप में बढ़ा विवाद उत्तर कोरिया का नया दावा: AI क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण, दक्षिण कोरिया सीमा के पास तैनाती की तैयारी, इतने पैसे कहाँ से आते हैं?