नैनीताल में बढ़ते वाहन प्रवाह और लगातार जाम की समस्या को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने उन्नत तकनीक पर आधारित समाधान प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशानुसार कुमाऊँ क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने शहर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर चलने वाले ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने की पहल की घोषणा की। इस प्रणाली में कैमरा‑सेंसर, रीयल‑टाइम डेटा विश्लेषण और मशीन‑लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग करके वाहन प्रवाह, भीड़‑भाड़ और दुर्घटना जोखिम की निरंतर निगरानी की जाएगी। एकत्रित डेटा को नियंत्रक केंद्र तक भेजा जाता है, जहाँ स्वचालित सिग्नल समायोजन और वैकल्पिक मार्ग सुझाव देने के लिए AI मॉडल कार्य करते हैं। प्रयोगात्मक चरण में प्रमुख चौराहों और मुख्य सड़कें शामिल की गई हैं। अग्रवाल ने बताया कि प्राथमिक लक्ष्य जलदी‑जलदी ट्रैफिक जाम को घटाना, आपातकालीन सेवाओं की पहुँच सुगम बनाना और पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करना है। स्थानीय व्यवसायियों और यात्रियों ने इस कदम को सकारात्मक रूप में स्वागत किया है, क्योंकि इससे रोज़मर्रा की यात्रा में समय बचाने की उम्मीद की जा रही है। सिस्टम की प्रभावशीलता को त्रैमासिक आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और सफल रहने पर इसे शहर के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है। Post navigation जायपुर में थार ने स्कूटी सवार महिला को टक्कर मारकर 20 फीट तक खींचा जेम्स हानसेन की चेतावनी: 2026 बन सकता है अब तक का सबसे गर्म वर्ष