हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में चूरूड़ू-लोहारली पुल को लेकर राजनीतिक हलचल देखने को मिली। पूर्व विधायक और भाजपा नेता राजेश ठाकुर को पुलिस ने पुल की ओर जाने से रोक दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुल के दोनों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया था। बैरिकेडिंग लगाकर दोनों तरफ से आवाजाही नियंत्रित की गई। पुल पर जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में राजेश ठाकुर को शॉल और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने पुल निर्माण के लिए भूमि देने वाले सतपाल पठानिया और रछपाल पठानिया का आभार जताया। राजेश ठाकुर ने कांग्रेस पर पुल का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुल को भाजपा सरकार के कार्यकाल में मंजूरी मिली थी। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। पुलिस की मौजूदगी में समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। Source: Source Post navigation कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की मांग, हर विधानसभा क्षेत्र में एक नेता को जिम्मेदारी देने का सुझाव तरनतारन में SIR का पहला चरण पूरा, मतदाता सूची से हटेंगे 20 हजार से ज्यादा मृत नाम