एबोला बीमारी का प्रज्ञापद, बंडिबुजो, नया सरोवर के हाथों में उपलब्ध वैक्सीन की अभाव का अधिकांश भाग सहित 50 प्रतिशत की मृत्यु दर रखता है। इस बीमारी के कई फॉकल-पोइंट में नए प्रज्ञापद के सिफारिश जारी किए गए हैं।

बंडिबुजो वाला एबोला प्रज्ञापद 1976 में अफ्रीका में से यहाँ हासिल किया गया था। इस बीमारी का एक प्रज्ञापद, जो 1976-79 के दौरान मुख्य रूप से अफ्रीका में उपस्थित था, लगभग 25 प्रतिशत गैर-वैक्सनेड कोबल्ट के हाथों से दुखी बनाता था।

दवाओं और मेडिकल सुरक्षा प्रतिवादियों के रूप में, नए प्रज्ञापद बीमारी के परिदृश्य में एक अभाव उपलब्ध है। इस भाग का संवेदनशील हिस्सा नई बीमारी के प्रति खराब शर्यतों का एक महत्वपूर्ण सूत्र बना हुआ है।

वैज्ञानिकों की अभिलेखित समय और प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए मर्ज रखता है कि कब नए प्रज्ञापद की वैक्सीन उपलब्ध होगी। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्रिटेनिश फार्मूसिल के डॉ. एन एजरदास और इतालवी संयुक्त मिनिस्टरियम ऑफ़ बेथोंका के डॉ. जोशिया दीवे ने वैज्ञानिक पत्रों में सुझाव जारी किए हैं।

बीमारी और उनके वैक्सीन का विकास तकनीकी और चिकित्सा दुनिया में एक प्रमुख समस्या है, जो आधुनिक रोगों के विकास को डराती है। इसलिए, नए प्रज्ञापद के साथ वैक्सीन उपलब्ध करने तक कई महत्वपूर्ण कदमों की जरूरत है।

वैज्ञानिक संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली और ब्रिटेन के महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हैं। इनके समुदाय का उपयोग करके, आरक्षण और जीवन रक्षा प्रति ध्यान केंद्रित है। वैज्ञानिक संयुक्त राज्य अमेरिका में कई बड़ी उपलब्धि परियोजनाएं हैं जो इस दिशा में काम कर रही हैं।

अन्य भागों लगभग 350 से अधिक वैक्सीन उपलब्ध करने तक कई महत्वपूर्ण कदमों हैं। यह आरक्षण की प्रक्रिया, रूचि की निश्चितता और टेस्टिंग के साथ मिलकर वैज्ञानिक दंदाधार विकल्पों की प्रति उम्मीद बना रहता है।

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