मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। विजयवर्गीय ने दावा किया है कि राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद अधिकारी अपनी आरएसएस संबद्धता दिखाने की होड़ में लगे हैं। उनके इस बयान ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विपक्ष ने इस टिप्पणी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मंत्री के इस विवादास्पद बयान के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ब्यूरोक्रेसी और सत्ता पक्ष के बीच के समीकरणों को सार्वजनिक करता है। प्रशासनिक हलकों में भी इस टिप्पणी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। भाजपा के भीतर और बाहर इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल, यह मामला राज्य में बहस का मुद्दा बना हुआ है। मंत्री के इस रुख से सरकारी मशीनरी के काम करने के तौर-तरीकों पर फिर से बहस छिड़ गई है। Source: Source Post navigation NEET विवाद पर बेंगलुरु में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला मशाल जुलूस फरीदकोट में सीएम के दौरे से पहले बवाल: सवाल पूछने की तैयारी कर रहे 4 पंथक नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद