एम.पी. विधानसभा में महिलाओं की आरक्षित सीटों के कार्यान्वयन को लेकर संसद में तन्मय माहौल है। मुख्य विपक्षी दलों के सांसदों ने जब सभागृह से बाहर निकलते हुए विरोध प्रकट किया, तो मुख्य अधिकारी नरेंद्र सिंह टॉमर ने बिल को लाने से इन्कार कर दिया। टॉमर ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार ने पहले ही एक प्रस्ताव रख रखा है, जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इस बीच, सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए आवश्यक सवीकरण प्रक्रिया पहले ही निर्धारित हो चुकी है और यह कदम राज्य के सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करेगा। विपक्ष इस बात को लेकर असहमत है कि संसद में इसे फिर से बहस में लाया जाए, जबकि उनका मानना है कि प्रारम्भिक प्रस्ताव में ही कई कमियां हैं। Post navigation मेरे किरायेदार पर £15,000 का बकाया किराया, लेकिन मैं उन्हें घर से नहीं निकाल पा रहा हूँ रन डीएमसी के जैम मास्टर जे की हत्या में 20 साल बाद दोषी की कबूलियत