हरियाणा के सैनीपुरा के पास निर्मित नए डंपिंग स्टेशन को लेकर किसानों और स्थानीय ग्रामीणों ने तीन दिन लगातार धरना स्थपित कर विरोध किया। उन्होंने कूड़े वाले ट्रकों को रोका, जिससे स्टेशन के संचालन पर गंभीर असर पड़ा। किसानों ने पर्यावरणीय नुकसान, भूमि की गिरावट और स्वास्थ्य जोखिमों का हवाला देते हुए तत्काल प्रस्ताव रद्द करने की मांग की। विरोध का स्वर उत्थान पर था, परंतु पुलिस ने भी भारी बल तैनात कर अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की। दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की स्थितियों में झड़पें भी हुईं, किन्तु भारी पुलिस संख्यी ने खेती वाले क्षेत्रों को प्रभावित होने से बचाया। प्रशासन ने संवाद के लिए एक मंच खोलने का प्रस्ताव रखा, परन्तु किसान अभी भी स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा ग्रामीणों की पर्यावरणीय जागरूकता और सरकारी नीतियों के बीच की जटिल संतुलन को उजागर करता है। Post navigation पहली बार घर खरीदने वाले वेल्स के तेज़ी से बढ़ते शहर से बाहर, कहते हैं ‘विश्वास खो रहा है’ माइकल जैक्सन बायोपिक ने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ा