रायगढ़, छत्तीसगढ़ – एक वायरल वीडियो ने लोगों के दिलों को छू लिया है। ओडिसा के केंदुझर में हुई जघन्य घटना के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी संवेदनहीनता की लकीर दिखी, जहाँ एक छोटे बेटे को अपनी मृत माँ के खाते से बचत निकाले जाने के लिए कई बैंकों का चक्कर लगाना पड़ा। विडियो में बच्चे के आँसू और बैंक कर्मचारियों की अनदेखी साफ दिखती है; कई कर्मचारियों ने बिना दस्तावेज़ देखे ही प्रक्रिया रोक दी, जबकि बच्चा केवल माँ के पास मौजूद पैसे का उपयोग कर अपने परिवार की रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करना चाहता था। यह घटना सामाजिक दायित्व और बैंकिंग नियमों के बीच संतुलन का सवाल उठाती है। बँकिंग संस्थाओं को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की जा रही है, साथ ही इस बात की भी याद दिलाई जा रही है कि ऐसी त्रासदी को दोहराने के बजाय संवेदनशीलता और सहानुभूति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। Post navigation मित्तल परिवार ने ₹15,660 करोड़ में खरीदा राजस्थान रॉयल्स, अदार पूनावाला भी बने साझेदार राष्ट्रपतियों, काउबॉय और ए-लिस्ट सितारों के संग – वर्षों में यूएस में किंग चार्ल्स की यात्राएँ