सिवनी-मालवा के उपनगरी बानापुरा में शनिवार‑रविवार की मध्यरात्रि को लगभग 2 बजे एक निजी अस्पताल के वॉर्ड में बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने गहरा विरोध प्रदर्शित किया। बच्ची के मृत शरीर को ले जाने के तरीके से संतुष्ट न होकर, परिवार ने अस्पताल के द्वार पर धूम्रपान, बैठकों और लाठीचार्ज के साथ हड़ताल शुरू की। इस बीच, डॉक्टर ने तुरंत बच्चे की बेहोशी के कारण जांच से बचने की कोशिश करते हुए सर्जिकल चैंबर में छिप गया। परिजन इस बात से अनजान थे और उन्होंने डॉक्टर को बाहर निकालने की पुकार की। पुलिस ने घड़ी में पहुंचे, बालवाड़ी की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए दो सर्विसेज को बाधित कर दिया और कई लोगों को गिरफ्तार किया। अस्पताल के प्रबंधन ने कहा कि वह आधिकारिक जांच का सहयोग देगा और निवारक उपायों को अपनाएगा। इस घटना ने छोटे शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और आपातकालीन प्रबंधन के प्रति गंभीर सवाल उठाए हैं। Post navigation दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मां वैष्णो देवी के दरबार में देश की खुशहाली की दुआ की पुलिस ही निकली किडनैपर: 5 लाख की मांग, 1.5 लाख मिलने पर 2 एएसआई व 4 जवान गिरफ्तार