इस सप्ताह निवेशकों की नजर मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों पर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत के घरेलू आर्थिक आंकड़े भी इस सप्ताह प्रमुख फोकस में रहेंगे। औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े, पीएमआई रीडिंग और विदेशी मुद्रा भंडार देश की आर्थिक स्थिति का संकेत देंगे। ऑटो सेक्टर की बिक्री के आंकड़े भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे। इसके साथ ही मानसून की प्रगति पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिका-ईरान संबंधों में किसी भी तरह की तनाव वृद्धि वैश्विक विकास और ऊर्जा बाजारों पर असर डाल सकती है। वहीं कूटनीतिक प्रगति से निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की संभावना है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह बाजार कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेतकों पर प्रतिक्रिया देगा। निवेशक सतर्क रुख अपनाते हुए प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। Source: Source Post navigation भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: किसान नेता चढूनी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी मध्य पूर्व संकट में भारत की ऊर्जा सुरक्षा की ढाल बने सरकारी तेल उपक्रम, निजीकरण पर फिर उठे सवाल