करनाल जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव के बाद सत्ता परिवर्तन से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। उप-चेयरपर्सन रीना खरकाली को नए चेयरपर्सन की नियुक्ति तक कार्यकारी चेयरपर्सन बनाया गया है। कई पार्षदों ने पूर्व चेयरमैन पक्ष पर ग्रांट वितरण में भेदभाव और सम्मान नहीं देने के आरोप लगाए हैं। रीना खरकाली ने कहा कि यह बदलाव लंबे समय से चल रहे असंतोष का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वार्डों को प्राथमिकता देकर अन्य क्षेत्रों की अनदेखी की गई। उन्होंने एससी और बीसी समाज के पार्षदों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया। पूर्व चेयरमैन पक्ष द्वारा लगाए गए षड्यंत्र और खरीद-फरोख्त के आरोपों को उन्होंने खारिज किया। रीना खरकाली ने सभी वार्डों में समान विकास और निष्पक्ष ग्रांट वितरण का भरोसा दिया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से 17 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव को लेकर एकजुट थे। प्रेस वार्ता में कुछ पार्षदों ने पूर्व नेतृत्व पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में सभी समाजों को साथ लेकर चलना जरूरी है। इस घटनाक्रम के बाद करनाल जिला परिषद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। Source: Source Post navigation Gen Z से जुड़ने की तैयारी, PM मोदी ने मंत्रियों से Instagram पर मजबूत मौजूदगी बनाने को कहा अमृतसर से हजूर साहिब नांदेड़ तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की मांग, सांसद औजला ने रेल मंत्री को लिखा पत्र