कर्नाटक में पहली बार पल्स्ड फील्ड एब्लेशन (पीएफए) प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। यह उपचार एट्रियल फिब्रिलेशन यानी अनियमित दिल की धड़कन के इलाज के लिए इस्तेमाल किया गया। इस आधुनिक तकनीक में गर्मी या ठंड के बजाय विद्युत पल्स का उपयोग किया जाता है। इससे केवल असामान्य हृदय ऊतक को सटीक रूप से निशाना बनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सुरक्षित और तेज़ है। इस प्रक्रिया का लाभ 80 वर्षीय मरीज को मिला, जो कई हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। मरीज लंबे समय से गंभीर लक्षणों का सामना कर रहे थे। उपचार सफल रहने के बाद उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। मरीज की रिकवरी भी अपेक्षा से अधिक तेज़ रही। डॉक्टरों का मानना है कि यह तकनीक हृदय रोग उपचार में बड़ा बदलाव ला सकती है। भविष्य में इससे कई मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation बिना हैकर के भी हमला! एआई आधारित नया रैनसमवेयर खुद कर सकता है पूरा साइबर हमला 11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ युद्धपोत INS महेंद्रगिरी, बढ़ेगी समुद्री ताकत