बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से उठ रही दुर्गंध के मुद्दे पर बीएमसी को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने बीएमसी को 15 दिनों के भीतर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने मुंबई को कचरा मुक्त बनाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने को कहा। अदालत ने शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। न्यायालय ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बीएमसी को संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है। अदालत ने कचरा निपटान व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की भी बात कही। मामले की प्रगति पर न्यायालय की नजर बनी रहेगी। निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद मामले की आगे सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ और कचरा मुक्त मुंबई के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। Source: Source Post navigation चीनी नागरिक को हाईकोर्ट से राहत, जमानत की शर्तों में दी गई ढील संपत्ति बंटवारे के विवाद में दूसरी पत्नी का दावा खारिज, कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला