सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोपी को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी को मामले से मुक्त करने की मांग खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी। आरोपी पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी पोस्ट करने का आरोप है। मामले में पहले दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और दलीलों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपी को आरोपमुक्त करने का कोई आधार नहीं माना। अब मामले की आगे की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य पेश करेगा। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत के इस फैसले के बाद मामले की न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी। Source: Source Post navigation संपत्ति बंटवारे के विवाद में दूसरी पत्नी का दावा खारिज, कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुजुर्गों की देखभाल में कमियां बताईं, सरकार से व्यापक नीति बनाने को कहा