एक कंपनी ने किया कार्निवल के लिए ऑर्डर दिया था, लेकिन डीलर ने समय पर डिलीवरी नहीं की। इस देरी से कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान हुआ। आयोग ने डीलर को अपर्याप्त सेवा का दोषी पाया, जबकि किया इंडिया को दोषमुक्त कर दिया। आयोग ने डीलर को बुकिंग राशि ब्याज के साथ लौटाने, कानूनी खर्च और प्रभावित कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण में अहम माना जा रहा है। डीलर की लापरवाही के कारण ग्राहक को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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