जंग के अंत के बाद कई इरानी नागरिकों में बढ़ते दमन की चिंता फैल गई है। वे बताते हैं कि मौजूदा सरकार ने अपना नियंत्रण मज़बूत कर लिया है और अब वह विरोध को कुचालने के लिए कड़े कदम उठाने को तैयार है। कई लोगों का मानना है कि इस नई ताकतवर स्थिति से शासन को अपने विरोधियों पर बदला लेने की स्वतंत्रता मिल गई है। आर्थिक मुश्किलें, सामाजिक प्रतिबंध और मीडिया की सेंसरशिप में वृद्धि ने जनता में डर और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। इससे लोगों के बीच भविष्य को लेकर आशंकाएँ बढ़ी हैं, विशेषकर उन वर्गों में जो पहले ही सरकारी नीतियों से प्रभावित हैं। जबकि कुछ उम्मीद करते हैं कि युद्ध के बाद शांति और स्थिरता होगी, अन्य लोग महसूस करते हैं कि नई तकरार और अत्यधिक नियंत्रण इस दौर को और कठिन बना देगा। Post navigation पर्यटक स्थल टेनबी में यूके की सबसे खराब मोबाइल सिग्नल, स्थानीय व आगंतुक निराश अमेरिका ने पाकिस्तान को प्रतिनिधि भेजे, इराण के अरबचि से वार्ताओं की उम्मीदें बढ़ीं