कैथल जिले में 75 वर्ष से अधिक पुराने पांडुलिपियों और अभिलेखों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। यह कार्य ज्ञान भारतम् मिशन के तहत किया जा रहा है। अभी तक 387 पांडुलिपियां पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कार्य को 10 जून तक पूरा करने के आदेश दिए। जिला स्तर पर कमेटी गठन किया गया है। इस अभियान के तहत जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पास उपलब्ध पुरानी पांडुलिपियों और अभिलेखों की जानकारी प्रशासन को दें। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। इस कार्य का उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखना है। Source: Source Post navigation जैन समाज का मौन प्रदर्शन चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारी अब स्टिक कंपनी के तहत काम करेंगे