ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्रियों की शिकायतों को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। कुछ यात्रियों ने ड्राइवरों पर बदसलूकी, डराने-धमकाने और लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप लगाए हैं। कई लोगों ने निजी जानकारी की गोपनीयता को लेकर भी चिंता जताई है। यात्रियों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें समय पर मानवीय सहायता नहीं मिलती। कई मामलों में ऐप आधारित कैब एग्रीगेटर्स की शिकायत व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता की कमी महसूस की गई है। यात्रियों को समस्या के समाधान के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कुछ लोगों ने आपात स्थिति में त्वरित सहायता की जरूरत बताई है। कैब कंपनियों से शिकायत निपटाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की जा रही है। डिजिटल परिवहन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यात्री सुरक्षा एक अहम मुद्दा बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर निगरानी और जवाबदेही से यात्रियों का भरोसा बढ़ाया जा सकता है। Source: Source Post navigation देश में सूखे के बीच मुंबई में भारी बारिश क्यों? अल-नीनो और बदलते मौसम पैटर्न पर विशेषज्ञों की नजर मुंबई में हाई टाइड और मूसलाधार बारिश का खतरा, क्यों ठप हो जाता है शहर का सिस्टम?