उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अब अपने पीडीए समीकरण में ब्राह्मण वोट बैंक को जोड़ने की कवायद में जुटी है। इस मिशन के लिए अखिलेश ने अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय और बलिया के सांसद सनातन पांडेय पर बड़ा दांव खेला है। इन दोनों नेताओं को पार्टी में अहम जिम्मेदारी देकर फ्रंटफुट पर उतारा गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या ये दोनों चेहरे पार्टी की नैया पार लगाने में सफल होंगे। सपा ब्राह्मणों को साथ लाकर एक नया सामाजिक गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है। पिछले चुनावों के अनुभवों को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अखिलेश यादव का यह नया ‘ब्राह्मण चेहरा’ यूपी की सियासत में हलचल पैदा कर रहा है। पवन और सनातन पांडेय की सक्रियता से पार्टी जमीनी स्तर पर वोटरों को साधने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में यह रणनीति सपा के लिए कितनी कारगर साबित होगी, यह देखना दिलचस्प होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों में यह समीकरण निर्णायक भूमिका निभा सकता है। चुनावी तैयारी के साथ ही पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने में लगी है। Source: Source Post navigation देश के भविष्य और अखंडता से समझौता नहीं, वाराणसी में CM योगी ने शिक्षा सुधार पर दिया जोर डोंबिवली में डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना विधायक का विवादास्पद बयान, कहा- गुस्से में अनजाने में हुआ