क्रिस्टल पैलेस की पिछले सीजन की समस्याओं के बाद अब सवाल उठ रहा है कि कोई प्रीमियर लीग क्लब द्विलक्षण स्वामित्व (ड्यूल ओनरशिप) की वजह से फिर से यूरोपीय क्वालिफिकेशन खो सकता है या नहीं। यूईएफए के नियमों के तहत एक ही क्लब के दो अलग-अलग मालिकों या संगठनों को एक साथ यूरोपीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं है। यदि किसी टीम के पास ऐसी संरचना है जहाँ दो फाइनेंशियल एंटिटीज़ नियंत्रण साझा करती हैं, तो वह लाइसेंसिंग प्रक्रिया में कठिनाई का सामना कर सकती है। इस स्थिति ने पहले क्रिस्टल पैलेस को प्रभावित किया था, जहाँ स्वामित्व विवाद ने क्लब की यूरोपीय आकांक्षाओं को धकेल दिया। फुटबॉल जगत अब इस बात पर नजर रख रहा है कि कौन से प्रीमियर लीग क्लब इस नियम का उल्लंघन कर सकते हैं और क्या उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच से बाहर कर दिया जाएगा। Post navigation पंजाब नगर निगम चुनाव 2026: 9 शहरों में तेज़ी से तैयारियां, मई अंत तक हो सकती है वोटिंग कटहल खरीदते समय इन गलतियों से बचें – ताज़ा और कच्चा कटहल पहचानने के आसान टिप्स