आज के दौर में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों ही नाज़ुक मोड़ पर खड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम को लेकर बड़ी अपील की है। पीएम की यह अपील केवल वर्क-कल्चर बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कच्चे तेल के बढ़ते आयात बिल को कम करने, करोड़ों लीटर पेट्रोल-डीजल बचाने और जहरीले होते प्रदूषण से धरती को बचाने का एक बड़ा ग्लोबल विजन है। यह अपील में पीएम ने उत्पादन पुनर्स्थापन की इच्छा और कारकीय बजट संगठनों के विकास में प्रहार की भी शामिल की। यह दिए गए अभ्यास ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य, उत्पादकता और आय की बढ़ोतरी की प्रशस्ति में है। इसका प्रभाव अनिवार्य रूप से करोड़ों की दुबारा पेट्रोल-डीजल के उत्पादन में होगा। लेकिन, यह भी चित्तरोध ग्रहण कर सकता है, क्योंकि कुछ कर्मचारियों और उद्यमियों ने जूझकर पावर स्ट्रेस और काम-समय संतुलन में समस्या दिखाई है। इस चरण को लगभग शायद 6 महीने की अवधि में निपटा जा सकता है, और इसमें कई प्रश्तुताएँ रहेंगी। लेकिन, यह भी चुनौती से बचाव को देखा जाएगा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखने में। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation प्रधानमंत्री की अपील के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट थलपति विजय के शपथ समारोह में भीड़ में फंसी तृषा, मची अफरा-तफरी