थलपति विजय के शपथ समारोह के दौरान तृषा कृष्णन ने भीड़ में फंसने पर हमले किए थे, लेकिन वे अपना सुरक्षा तैयारी कर चुके थे। स्टेडियम से निकलते हंस भीड़ में फंसी तृषा को घेर लिया, परन्तु उन्होंने ऐसे मामले को बहुत ही स्वचालित रूप से हासिल कर दिखाई। शपथ समारोह के एक काफी प्रभावशाली मोमबत्ती जैसे उनके चरण और भव्य प्रदर्शन में साथ ही कई वीडियोज़ देखे गए, जिनमें तृषा का अपना रहस्यमय लक्षण प्रदर्शित हुआ। सभी इन घटनाओं से वीडियोज़ में छाने गए, जिसका मतलब है कि तृषा के राज्यवादी दर्शन की प्रतिक्रिया भी व्यक्त की गई।

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