पंजाब के गुरदासपुर जिले में रावी नदी के पार बसे सात गांवों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मकोड़ा पत्तन पर पैंटून पुल हटाए जाने के बाद नाव ही नदी पार करने का एकमात्र साधन रह गई है। नाव की सीमित संख्या के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई यात्रियों को नाव तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। नाव की सीमित सुविधा के कारण छात्र समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। हाल ही में स्कूली बच्चों से भरी एक नाव पलटने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, हालांकि सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया था। ग्रामीणों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री से स्थायी पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पुल बनाना संभव नहीं है तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाए। लोगों ने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग दोहराई है। Source: Source Post navigation धौलपुर में बासी पनीर की सब्जी खाने से एक ही परिवार के 11 लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती मोगा में आवारा कुत्तों ने 10वीं के छात्र पर किया हमला, वैन चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा