मवेशियों की तस्करी रोकने और गौ रक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेकर मारपीट व गुंडागर्दी करने वाले तत्वों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने महासमुंद में मोर्चा खोल दिया है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सतनामी समाज ने स्पष्ट कहा कि मवेशियों की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का वे समर्थन करते हैं, लेकिन गौ रक्षा की आड़ में निर्दोष पशुपालकों को प्रताड़ित करना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। ज्ञापन में समाज ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, संत कबीर और सत्य-अहिंसा के प्रणेता बाबा गुरु घासीदास की भूमि है, इसके बावजूद देश में वैध बूचड़खाने संचालित हो रहे हैं। समाज का आरोप है कि यही बूचड़खाने मवेशी तस्करी की प्रमुख वजह हैं। नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ से भी मवेशियों की चोरी-छिपे सप्लाई की जाती है, लेकिन इस अवैध कारोबार में शामिल बड़े सफेदपोश बच निकलते हैं, जबकि गरीब मजदूर और वाहन चालक कार्रवाई की जद में आ जाते हैं। समाज ने मांग की कि यदि देशभर में बूचड़खाने बंद कर दिए जाएं, तो मवेशी तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। ज्ञापन में रायपुर कोर्ट परिसर में आरोपियों के समर्थन में हुई कथित उन्मादी नारेबाजी पर भी नाराजगी जताई गई। समाज ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। जाति देखकर किया जा रहा टारगेट, थानों के लिए जारी हो एडवाइजरी: पदाधिकारियों ने कहा कि मवेशियों के अवैध परिवहन में हर जाति के लोग पकड़े जाते हैं, लेकिन कुछ कथित स्वयंभू गौ रक्षक केवल सतनामी समाज को बदनाम करने के लिए जाति देखकर गुंडागर्दी और अवैध वसूली करते हैं। समाज ने मांग की है कि ऐसे तत्वों को रोकने के लिए सरकार सभी थानों को तत्काल एक कड़क एडवाइजरी जारी करे। इस मौके पर सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, उपाध्यक्ष के. सोनटके, सचिव रेखराम बघेल, कोषाध्यक्ष घनश्याम जांगड़े, गणेश टंडन, राजेश रात्रे, फनेंद्र बंजारे सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ज्ञापन में रायपुर के आरंग थाने में हुई हालिया घटना का पुरजोर विरोध किया गया। समाज ने बताया कि ग्राम गुदगुदा के मवेशी पालक लाल कुमार कुर्रे जब अपने गुम हुए मवेशी को तलाश रहे थे, तब थाना परिसर के अंदर ही कथित गौ रक्षकों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित को जातिगत गाली-गलौज देकर उसका वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। सतनामी समाज द्वारा पुलिस थाने का घेराव करने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। : Source Post navigation सरकार ने किया एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल:आपदा को राजस्व के साथ 6 और विभागों में बांटा, सांप काटने पर मुआवजा देगा अब स्वास्थ्य विभाग हिमाचल में ट्रैकिंग कर लौटे बस्तर के युवा