ग्रेटर नोएडा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा की चिंता बढ़ी है। वीडियो में एक छात्रा लगातार दूसरी छात्रा को “सॉरी” बुलाकर थप्पड़ मारती दिखाई देती है। विश्वविद्यालय ने इस घटना को आपसी विवाद के रूप में दर्शाते हुए आरोपित छात्रा को तत्काल निलंबित कर दिया।

पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं किया है, परंतु स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति की जाँच की सूचना दी है। सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो की कड़ी निंदा हुई है और छात्रों तथा अभिभावकों ने कैंपस में रैगिंग और हिंसा के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

इस प्रकार की घटनाएँ शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और छात्र सुरक्षा संबंधी नीतियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती हैं। कई विशेषज्ञ इस बात पर बल देते हैं कि विश्वविद्यालय को हिंसा रोकने के लिए अधिक सक्रिय नीतियाँ अपनानी चाहिए, जैसे कि कड़े छात्र अभिविन्यास कार्यक्रम और नियमित निगरानी।

वर्तमान में विश्वविद्यालय ने यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएँगे और संबंधित छात्रों के खिलाफ आवश्यक शिस्तबद्ध कार्रवाई की जाएगी।