चाड में जल स्रोत को लेकर स्थानीय समूहों के बीच विवाद तेज़ी से हिंसा में बदल गया, जिसमें कई प्रतिशोधी हमले हुए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस तकरीबन दो-सप्ताह की लड़ाई में कम से कम 42 लोग मारे गए और कई घायल हुए। दोनों पक्षों ने पानी की पहुंच को लेकर अपने-अपने दावे मज़बूत किए, जिससे ग्रामीण इलाकों में बड़ी असहायता पैदा हुई। चाड के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और निरंतर सैन्य हस्तक्षेप के माध्यम से शांति बहाली के कदम उठाए जा रहे हैं। सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती बढ़ा दी, आपातकालीन सहायता वितरित की और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किलौटिनिया में अस्थायी शिविर स्थापित किए। सरकार ने भविष्य में जल संसाधनों के समान वितरण के लिए अंतर-समुदायिक संवाद को प्रोत्साहित करने का वादा किया, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने स्थिति की निरंतर निगरानी का आग्रह किया।

By AIAdmin