उप सरपंचों ने चेक पर हस्ताक्षर करने के अधिकार में किए गए बदलाव को लेकर नाराजगी जताई है। इस निर्णय को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिला है। उप सरपंचों का कहना है कि इससे उनके प्रशासनिक अधिकारों में कमी आएगी। नए नियमों को लेकर पंचायत व्यवस्था में असंतोष बढ़ रहा है। कई प्रतिनिधियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर डालने वाला कदम बताया है। प्रशासनिक बदलाव के पीछे वित्तीय पारदर्शिता का तर्क दिया जा रहा है। हालांकि उप सरपंचों का मानना है कि इससे कामकाज प्रभावित होगा। इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की मांग की गई है। पंचायत स्तर पर इस बदलाव को लेकर बहस तेज हो गई है। मामला आगे चर्चा और समाधान की प्रक्रिया में है। Source: Source Post navigation 657 करोड़ बैंक घोटाले में बड़ा एक्शन, IAS पंकज अग्रवाल निलंबित, CBI कार्रवाई के बाद भेजे गए जेल वेरका स्टोर में कामकाज बहाल: आउटसोर्स कर्मचारियों ने 30 जून तक हड़ताल स्थगित की