छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र के साथ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की कमी गंभीर समस्या बन गई है। कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने से दूसरे विषयों के शिक्षक कक्षाएं लेने को मजबूर हैं। कहीं हिंदी शिक्षक अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं तो कहीं विज्ञान शिक्षक कला विषय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कई जिलों में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने से बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों को निर्धारित विषयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। स्कूल प्रबंधन सीमित संसाधनों के साथ शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों की शैक्षणिक तैयारी प्रभावित हो सकती है। रिक्त पदों के कारण नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है। शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठ रही है। विभाग से स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है। Source: Source Post navigation सैनिक के बेटे गौरव सिंह ने NEET में रचा इतिहास, 705 अंक के साथ हासिल की AIR 9